आप किसी भी चीज़ को स्पर्श नहीं करते हैं

आप खाना खाते समय रोटी को हाथ में पकड़ते हैं, अपने किसी दोस्त के साथ हाथ मिलाते हैं, क्रिकेट खेलते समय बोल या बैट को पकड़ते हैं या किसी कुर्सी पर बैठते हैं, इन सब प्रक्रियाओं के दौरान आप किसी चीज़ को नहीं छूते हैं. यह सुनकर आप को झटका लगेगा लेकिन जब आप दोनों हाथों से ताली बजाते हैं तब भी आपके दोनों हाथ एकदूसरे को नहीं छूते हैं. ऐसा क्यों? आज हम यह चीज़ भी जान लेंगे क्योंकि यह हैं: PHYSICS IN HINDI.

आज हम देखेंगे की हम दूसरे व्यक्ति या किसी चीज़ से कितना नजदीक आने पर भी उन्हें छूते नहीं हैं. मान लीजिए की आप अभी इस वक़्त अपनी कुर्सी पर आराम से बैठे हैं. लेकिन तकनीकी रूप से आपका शरीर अभी कुर्सी को नहीं छू रहा हैं. आप एकदम छोटे परमाणु लेवल के अंतर से कुर्सी के उपर बिना उसे छूए मंडरा रहे हैं. आप जानते ही हैं की आपका शरीर और कुर्सी दोनों ही परमाणुओं के बने हैं. परमाणु के अन्दर न्यूक्लियस होता हैं जो कि उसके आसपास घूमते इलेक्ट्रान के बाहरी कवच से गिरा होता हैं. दो परमाणु जो एकदूसरे से नजदीक होते हैं उनके लिए एकदूसरे को छूना बेहद मुश्किल हैं. क्योंकि नजदीक आने पर वे एकदूसरे से दूर भागते हैं, क्योंकि दोनों के पास एक जैसा ही चार्ज होता हैं. इसको पोली अपवर्जन सिद्धांत (polly exclusion principle) कहाँ जाता हैं.

तो इसका मतलब यह हुआ की जब में किसी चीज़ को स्पर्श करता हूँ तो तकनिकी रूप से उसे स्पर्श नहीं कर रहा हूँ. हांलाकि हमारे शरीर और उस चीज़ के परमाणु तो नजदीक आयेंगे लेकिन लेकिन इलेक्ट्रॉनों के बीच का विद्युत चुम्बकीय अनुपात नहीं. हमारे शरीर के अन्दर के स्नायु या नंसे उस प्रतिकारक बल को महसूस करती हैं जिसे आप उस चीज़ को छूना या महसूस करना कहते हैं. अगर आप किसी चीज़ को जोर से दबाते हैं या तोड़ डालते हैं या फिर चाकू से कट देते हैं, तब भी आप उसको स्पर्श नहीं कर रहे हैं बल्कि आप इलेक्ट्रोन और इलेक्ट्रान के बीच के प्रतिकारक बल की मदद से उसे रास्ते से हटा रहे हैं. मतलब अगर आप केंची की मदद से किसी कागज को काटते हैं तो असल में दोनों के बीच किसी भी तरह का स्पर्श नहीं हो रहा होता हैं. जब भी आप अपने पालतू कुत्ते को चुमते हैं या अपनी दादीमा को गले लगते हैं तब वास्तव में आप उनके शरीर के द्रव्य से किसी भी तरह का संपर्क नहीं करते हैं, आप सिर्फ उनके शरीर के इलेक्ट्रॉन्स का प्रतिकारक बल महसूस करते हैं.

जब आप अपने माता के अन्दर बढ़ रहे थे, तब आप के माता और पिता दोनों के डीएनए आप को बनाने के लिए रासायनिक तरीके से एक साथ काम कर रहे थे. वे इलेक्ट्रान को share कर रहे थे. जो एक तरह के स्पर्श की तरह ही हैं. मैं यह कहने की कोशिश कर रहा हूँ कि आपके माता पिता और आपके बच्चे ही ऐसे लोग हैं जो आपसे अब तक सबसे करीब रहे हैं या रहेंगे.

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8 Comments

  1. soni gupta

    I like it, this is very nice.

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    1. krishan saini

      i like it and you both.where you live?

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  2. sunilmewada

    Thank you Sir

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  3. RoHiT'G

    Best informative thanx

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  4. Deepak

    Comment…sir’kya sun motion krta hai

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  5. ibrahim

    Nice yar koi esa whats app group bhi banao agar member zyda barne ki wajah se nhi bana rhe jese usme sirf 200 ke aas pas hi add ho sakte he to do teen group bna le ek jese

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  6. ibrahim

    Wese me ek whats app group banaya h science. Ka jis bhai ko add hona ho wo sc likh kar is no par msg kar dena

    7535994251

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  7. Rudra

    I don’t know it is real or not but so interesting.Give some more informations to us if u can.Thank u sir.

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