वास्तविकता के 10 आयाम 10 Dimensions of Reality In Hindi

10 Dimensions of Reality: Including 4th,5th And 7th Dimension: वास्तविकता के 10 आयाम. आपके लिए आज इस विशाल space और time (अंतरिक्ष समय) की भयानक संभावनाओं का एक आसान सचित्र संदर्भ रखने जा रहा हूँ.

विज्ञान मानता हैं की हमारा ब्रह्माण्ड कई Dimensions (आयाम) का बना हो सकता हैं.सुपरस्ट्रिंग सिद्धांत के अनुसार ब्रह्माण्ड में ऐसे कम से कम दस आयाम हो सकते हैं. (M-थ्योरी के अनुसार ब्रह्माण्ड में ऐसे 11 आयाम हो सकते हैं और बोजोनिक स्ट्रिंग सिद्धांत के अनुसार 26 आयाम). हम में से अधिकांश लोग ज्यादातर बुनियादी तीन आयामों को समझते हैं. कई लोगो का कहना हैं की चौथा आयाम समय हैं. लेकिन इन आयामों से परे के आयाम वास्तव में किस तरह के हैं? आइये देखते हैं?

1st Dimension प्रथम आयाम: लंबाई

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प्रथम आयाम लंबाई है…x-axis…एक सीधी रेखा, बिना कोई अन्य विशेषताओं के साथ.

2nd Dimension दूसरा आयाम: ऊंचाई

दूसरा आयाम: ऊंचाई

ऊंचाई…y-axis…दो आयामी वस्तु बनाने के लिए इसे लंबाई के साथ जोड़ा जा सकता हैं. जैसे की त्रिकोण या वर्ग.

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3rd Dimension तीसरा आयाम: गहराई

तीसरा आयाम गहराई

गहराई, या z अक्ष…z अक्ष को पिछले दो आयामों के साथ जोड़कर तीसरा आयाम बनता हैं. जैसे की एक घन, पिरामिड या कोई क्षेत्र.

यह तीन मनुष्य के द्वारा सीधे शारीरिक रूप से प्रत्यक्ष आयाम थे. इन तीन आयामों से परे के आयाम सैद्धांतिक हैं.

4th Dimension चौथा आयाम: समय

चौथा आयाम: समय

चौथा आयाम एक तीन आयामी वस्तु के कब्जे में समय में स्थिति है. दूसरे शब्दों में कहे तो आप समय में आगे-पीछे झाँख सकते हैं.

5th Dimension पांचवां आयाम: संभावित विश्व

पांचवा आयाम: संभावित विश्व

पांचवें आयाम में हमारे जैसे दूसरे विश्व होंगे जो हमारी दुनिया से थोड़े अलग होंगे. जिसमे हमारी दुनिया जैसी दुनियाए होंगी और उनमें हम असमानताए ढूंढ सकते हैं.

6th Dimension छठां आयाम : सभी प्रकार के संभवित विश्वों का एक आयाम, एक ही तरह की शुरूआती अवस्थाओं के साथ.

छठां आयाम एक ऐसा आयाम हैं जहाँ सभी प्रकार के संभावित विश्व होंगे लेकिन एक ही तरह की शुरूआती अवस्थाओं के साथ. (उन सब की शुरुआत एक एक जैसी ही होंगी)

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7th Dimension सातवां आयाम: सभी प्रकार के संभावित विश्व अलग अलग शुरूआती अवस्थाओं के साथ.

इस आयाम में अलग अलग विश्वों की शुरूआती अवस्थाएं भी अलग अलग होंगी.

8th Dimension आठवां आयाम: सभी प्रकार के संभवित विश्व अलग अलग शुरूआती अवस्थाओं के साथ, जहाँ प्रत्येक विश्व अनंत बाहरी शाखाओं में बंटे हुए होंगे.

चक्कर आ गए? यह एक ऐसा आयाम हैं जो इंसानियत की समज के परे हैं. हमारे दिमाग इसकी संरचना को ना ही समज सकते हैं और ना ही उसके बारे में सोच सकते हैं. आगे के आयाम भी ऐसे ही होंगे.

9th Dimension नौवां आयाम: सभी प्रकार के संभवित विश्व, संभावित अलग अलग शुरूआती अवस्थाओं के साथ, अलग अलग भौतिकी के नियमों के साथ.

इस आयाम में आठवे आयाम की सारी खूबियाँ होंगी, लेकिन इसके हर एक विश्व में भौतिकी के नियम संभावित अलग अलग होंगे.

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10th Dimension दसवां आयाम: अनंत संभावनाएं

जटिलता के इस स्तर पर, सबकुछ संभव हैं और इसमें सारी कल्पनाए मौजूद हैं. अगर आप इस आयाम में होते तो आप भगवान होते.

(पहले तीन आयामों के बाद के सभी आयाम काल्पनिक हैं)

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8 Comments

  1. 🙂

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  2. Abhishek Sharma

    Really a nice post !

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    1. umang prajapati (Post author)

      धन्यवाद

      Reply
  3. krishna

    अच्छी जानकारी!

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  4. Namdev

    सचमुच पहले 3 आयाम को छोड़कर बाकी के आयाम में मुझे खुछ खास reality नही दिखी हा लेकिन 4 आयाम कुछ हद तक सही भी हो सकता है पर इसके आगे हमारी सभी कल्पना के आयाम बिल्कुल भी सच नही हो सकते एक दो सच भी हो सकते है लेकिन सभी आयाम तो बिल्कुल भी सच नही हो सकते!

    मेरे हिसाब से हो सकता है सभी आयाम हमारे अंदर ही है कहने का मतलब है की हमारी आत्मा अगर परमात्मा का ही एक अंश है जिसे अलग अलग समय में भगवान,अकालपुरख,निरंकार,भर्ह्मान्ड़,बिग-बैंग, etc. अलग अलग नामों से जाना गया है और जो history में महान संतो का जिकर मिलता है जो की एक ही वक्त पर दो जगह होते थे वो अपने सुक्षम शरीर के जरिये ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर आ जा सकते थे वो भी प्रकाश की गति से अब इसका तो एक ही मतलब हुआ की उनको सभी आयमो का ज्ञान था पर अफ़सोस की उन्होने ये ज्ञान सीधे तौर पर किसी को नही दिया क्युकि शायद इसे खुद ही समझा जा सकता होगा हो सकता है वो ज्ञान अनुभव के तौर पर ही पाया जा सकता हो शायद शब्दो से परिभाशित ना होता हो क्यू नही बताया शायद इसका जवाब मै दे सकता हूं लेकिन कमेंट लंबा हो जयेगा हा लेकिन संतो ने हमे ईश्वर से जुड़ने ओर ध्यान साधना करने पर ही जोर दिया है ओर मै भी मानता हूं की इसके बिना हम वो ज्ञान कभी हासिल नही कर सकते जो इन 3 आयमो से आगे के आयमो में छुपे है मेरे हिसाब से तो नही!

    हो सकता है मेरी बातों में दम ना हो बिग-बैंग जैसी घटना काल्पिनिक है लेकिन हम ईश्वर को ignore नही कर सकते क्युकि ये कोई काल्पिनिक नाम नही है और इतिहास इसका सबूत है खास तौर पर सिख गुरुओ और सिख संतो की history पढ़ने के बाद तो मुझे ऐसा बिल्कुल नहीं लगता !
    मै भी इन subject पर एक ब्लोग बनाने की सोच रहा हूं!

    आपके ब्लोग पर आकर मुझे बेहद खुशी हुई
    धन्यवाद

    Reply
    1. rahul

      iska explain aap kis blog me kar rahe hai? Please tell me mujhe padhakar khusi hogi because i am most interested in cosmolozy pleas.plea……

      Reply
  5. शैलेश वानखडे

    मै इन बातो को समझने जैसा ग्यान नही रख सकता. .. शायद कोई आस पास है ही नही जो ईन से जुडी जानकारी ठिक से दे सके मै ईस विषय पर जिग्ग्यासा रखता हू….
    पर आप से कुछ मेरे साथ घटीत अनुभव बताना चाहने कि ईच्छा है वैसे कोई ईन बातो को सच नही मानेगा ईस लिये ये बाते बहुत कम जगह पर बताता हु बताने लायक तो बहोत अनुभव होते है पर हम सब ऊनको भम्र समझकर भुलना ही बेहतर मानते क्या पता सच क्या है मै ईतना ग्यानी नही पर एक कुछ किस्से चाह कर भि भुलाये नही जा सकते ऐसी घटना मेरे साथ हुई है दरसल मै कुछ एक दो साल पहले ज्यादा ही योग साधना करने लगा था मुझे बेहद खुषी और जवा होने के भि अनुभव भि हुए अपनी ऊम्र से कम कि तरह जैसे नयी ऊर्जा मिल रही हो मै नाथ संम्प्रदाय का दिक्षा प्राप्त साधक और जनेमता बौध्द धर्मीय हु तो योग मे रूची थी एक बार अनायास ही ध्यान धारना के समय एक अजीब सा अहसास हुआ जिसको बया करना बहोत मुश्किल है. दर सल मैने सेक्ंन्द के भि एक हिस्से मे मानो एक युग बसा है ऐसा अनुभव हुआ है वो बात आज तक किसी को समझा नही सकुंगा मै और एक किस्सा ऐसा हुआ मानो काल पुरूष मुझे रात मे मेरे बेड के सामने खडा होकर मुझे लेने आया वो तो बहुत ही अजीब किस्सा मेरे साथ हुई ऐसा लगता है ऊस वक्त से अब तक कि मै अभी बस ऐसे ही सासे ले रहा हु मेरी मौत तो ऊसी वक्त हुई है ईस घटना को लगभग एक साल ही हुआ होगा मेरे गुरूजी और भोले बाबा के आशीर्वाद के कारण ही मै जिंन्दा हु काश मेरे गुरूजी ह्यात होते वो बडे ग्यानी और अच्छे ईन्सान थे ऊनका एक्सीडन्ट होने के कुछ वक्त से ही मै मल्टिपल बॉडि मेन्टल डिसॉरडर नामक सायंटीफिक जैसे बिमारी का सामना कर रहा हु मुझे नही लगता वो कोई बिमारी है मेन्टली मै पुरी तरह से चुस्त दुरूस्त हु सब गुरू भाई कहते है मुझपर गुरूजी ने विषेश क्रिपा कि और मुझे ऊन के भितर बसा गुरू गोरख नाथ जी का प्रसाद दिया और ये बाते सच भी है ऊन्होने मुझे संकेत भी दिये थे पर मै अभागा हु इनको संम्भाल नही पा रहा हु मुझे कुछ भी ग्यान नही ईस विषय का पर हा मै जो सहा और अनुभव कर रहा या किया हु अब तक वो सब सहज सरल और आसान नही ऐसा लगता है अब तक मुझे मेरा वो मकसद मिला नही जिसके लिये मुझे ये जिवन मिला और येही प्रश्न मुझे सताता भी है पर जो भी हो ये वह मानेगा जिसे ये अनुभव हुआ हो बाकि सब ये कॉमेंन्ट पढ कर या तो मजाक करेंगे या थोडी देर के बाद भुल जायेंगे
    पर ईन अनुभवो ने मेरी जिन्दगी को जैसे जकड कर रखा है जैसे कोई कोड है जो डिकोड नही हो रहा इन बातो से मेरी पुरी जिंन्दगी प्रभावित हुई है अगर कोई मेरी सहायता कर सके तो प्लिज मुझे सही मार्गदर्शन करे _/\_****

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    1. Adarsh Ray

      इसमें मज़ाक जैसी कोई बात नही मुझे लगता है तुम भाग्यशाली थे जिसने ऐसा कमाल का अनुभव किया काश मेरे साथ भी ऐसा कुछ होता

      Reply

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