Is There a God भगवान

is there a god

मित्रो , हम सब के मन में यह सवाल हमेशां घूमते रहतें है की हम कौन हैं? हम कहाँ से आये हैं? हम यहाँ पर क्या कर रहे हैं ? Is There a God भगवान? ज्यादातर लोग सोंचते हैं की हम सब को परमात्मा या God ने बनाया हे। उन्होनें ही इस समग्र सृष्टि की रचना की हैं। वह  अनंत हैं। हिन्दू धर्म में ज्यादातर लोग हनुमान,गणेश,शिव जैसे ब्नामों से जानते हैं. किन्तु मेरे जैसे लोग यह सोंचते हैं की भगवान को किसने बनाया? वैसे तो यह दिमाग घूमा देनेवाला सवाल हैं लेकिन हम सब में यह जानने की उत्सुकता हमेशां बनी रहती हैं। वैसे तो उनका वर्णन करना तो मुमकिन नहीं हैं फिर भी उनके लिए कुछ शब्द  Hindi में लिखना चाहता हूँ।

भगवान परमब्रह्म हैं। अनादी हैं। हिन्दू शास्त्रों मैं भगवान(परमात्मा) को ॐ के स्वरुप से दर्शाया जाता हैं। तो फिर यह ॐ का स्वरुप क्या हैं? आइये समजते हे इस स्वरुप को।

यह परमतत्व ब्रह्म स्वयं ज्ञान स्वरुप, नित्य, अर्थात्  ब्रह्मा, विष्णु  और महेश वह खुद ही हैं। GOD अर्थात ब्रह्म – परमात्मा। 

G    —–>        जनरेटर     —–>       उत्पन्न करना

 

O    —–>       ऑपरेटर     —–>       पालन करना 

D   —–>   डीस्ट्रोयर  —–>  नाश करना  

यह नित्य , अविनाशी तत्व ब्रह्म अनंत और अनादी हैं। आदि ,अंत और मध्य में द्रष्टा स्वरुप विध्यमान हैं। द्रश्य नहीं हैं। वह सर्वज्ञ ,सर्व-शक्तिमान,सनातन,सर्वव्यापी,सर्वगुण संपन्न,प्रेम स्वरुप तथा सत्  चित आनंद स्वरुप हैं। यह सर्वव्यापी चेतन आत्म तत्व सब में हैं। अणु अणु में हैं। अर्थात् वह सब में हैं और सब उसमे हैं। फिर भी वह सब से परे हैं। सब का निमित कारण हैं। वह सूक्ष्म से भी सूक्ष्म और विराट से भी विराट हैं। वह वृक्ष में बीज और बीज में वृक्ष स्वरूप से स्थित हैं। यह चेतन तत्व सेकण्ड से भी सूक्ष्म और युगों से भी विराट हैं।
जिस तरह यह तत्व पिंड में  हैं उसी तरह यह तत्व ब्रह्माण्ड में भी  हैं। इसकी जड प्रकृति द्रश्यमान हैं। भौतिक पदार्थ ,द्रव्य ,गुण। जिनके नाम हैं और नाश हैं वह दीखते हैं। परन्तु अमर,अनामी और नाम रूप,गुण से भी न्यारा चेतन ब्रह्म दीखता नहीं हैं। वह आनंद स्वरुप,प्रेम स्वरुप तथा अवर्णनीय हैं। शब्दों से उसका वर्णन नहीं हो सकता। परमात्मा प्रेम के सिवा किसी और भाषा को जानता नहीं हैं। प्रेम का एक शब्द वर्षो के ज्ञान से ज्यादा प्रकाशित हैं। यह तत्व इन्द्रिय,मन,बुध्धि से भी परे हैं।
वह शून्य से भी सुन्दर और सदोदित हैं।
आत्मा पानी की एक बूँद के समान हैं तो परमात्मा विशाल समुद्र हैं। पानी की बूँद को अगर समुद्र में गिराए तो वह अपना अस्तित्व गूमा देती हैं। किन्तु खुद दरिया बन जाती हैं।

सृष्टि के तीन कारण


(१)  निमित्त कारण (In Behalf) :

जो बनानेवाला हैं लेकिन बनावट से परे हैं। जैसे की मिट्टी के कुम्भ को बनाने में कुम्हार निमित्त कारण हैं। उसके बिना कुछ भी नहीं बन सकता फिर भी वह खुद कुम्भ के अन्दर कहीं भी नहीं होता हैं। क्योंकि वह उस कुम्भ से परे हैं।

(२)  उपादान कारण (Factor) :

जिसके बिना कुछ भी नहीं बन सकता। जो खुद बनावट के अन्दर होता हैं। जैसे की मिट्टी कुम्भ के अन्दर स्थायी रूप से होती हैं। इस लिए मिट्टी कुम्भ में उपादान (factor) हैं।

(३) साधारण कारण :

जो बनावट में साधारण कारण होता हैं। जैसे की कुम्भ बनाने में उसके लिए जरुरी साधन जरुरी हैं। व्हील, घुंडी, सीसा, पानी इत्यादि। यह सब साधारण कारण हैं। हाथ, पैर, आँख  भी साधारण कारण हैं।
ईसी तरह सृष्टि के निर्माण में चेतन तत्व ब्रह्म निमित्त कारण है। जड तत्व प्रकृति सृष्टि का उपादान कारण हैं।
प्रकृति (जड)         +        परमात्मा (चेतन)         =       पुरूषउपादान कारण        +        निमित्त कारण            =       साधारण निमित्त
प्रकृति ही प्रकृति का उपभोग करती हैं। द्रव्य ही द्रव्य को खाता हैं। गुणों को द्रव्य से अलग नहीं किया जा सकता हैं। चीनी में से मिठाश को अलग नहीं किया जा सकता हैं। ईस लिए यह सिद्ध होता हैं की जीव तो केवल प्रकृति का उपभोग करने में, रचना में एक साधारण कारण हैं। चेतन तत्व ब्रह्म निमित्त कारण हैं।

धन (तत्व)  –  पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु और आकाश , तेज (प्रकाश)तन (रूप)  –  नाक , जबान , त्वचा , कर्ण , आँखमन (गुण)  –  खुश्बू , रस , स्पर्श , ध्वनि , द्रश्य (रूप)

READ  Nostalgia In Hindi नास्टैल्जिया

दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो अपना अभिप्राय देना मत भूलिएगा। 

(Visited 72 times, 1 visits today)

8 Comments

  1. Mo. Shoib Khan

    wastav me nature he god hai. nature ko he loge bhgvan khte hai quki jo kuch bhi hota hai rule of nature se he hota hai.

    Reply
  2. AshelyVGuill

    Thanks for sharing your thoughts on other. Regards

    Reply
  3. Virendra

    Kitana gyan vardhak lekh Hai Ki hum aik hi parmatma Ke Ans hai

    Reply
  4. Vinay dubey

    मेरे भाई मेरा नाम विनय दूबे है मैने उस अविनाशी असाध्य रूपी सर्वशक्तिमान की उपाधी लिए उस invisible force ke bhare me research karne ki Atal pratigya ki hai
    Mai apne jiwan ke last tak usne is samsar me present force ke through Dhundhata rahunga arag koi physicists and philosopher And other researcher who are also interested to solve this mystery challenge. Because if who has a power that can make this Universe including matter light,water fire physics chemistry geological or cosmological feild or other side atom electron nuclion boson and all that everything single things as every point of knowledge about universe born from something unknown Creater. No dout and no question can raises about who have created this, well knows about what ver is happening with every signal think he knows .we can get knowledge because he let us to know. Think if we human use a Gps transmiter or can use any tracking device for track any think. For God this tracking divice is Electron or can be atom or nucleon.If we Can make a bridge between Philosophy and Science biggest power can get that we Have not ever thought .Everything that mind can really sense is existing.

    Reply
  5. Mukesh sharma

    The invisible pawer we can t see is GOD.big bang theory b ek dhamake ki e bt karti par wo hua kyu ye koi ni janta.me ye ni kah raha k me astik hun par it causes to belive.

    Reply
  6. Sateesh warkade

    पर Stephen hawking और भी बहुत सारे भौतिकीविद और अतंरिक्ष विज्ञानी ये मानने को तैयार ही नही है कि वास्व मे कोई भगवान है Stephen hawking कहते है कि जब ब्रह्माण्ड बना तब समय अस्तित्व मे आया इसके पहले समय था ही नही मतलब भगवान के पास ये दिव्य ब्रह्माणड की रचना करने के लिये समय नही था ? Stephen hawking का दूसरा सवाल विज्ञान की दृश्टी से जाना जाये तो हमारी इस अनन्त ब्रह्माण्ड को अस्तित्व मे आये 13.7 अरब वर्ष ही हुये है फिर इसके पहले भगवान आखिर कर क्या रहा था ? या भगवान ने उसी समय सृष्टी की रचना क्यो की? 13.7 अरब वर्ष से भी 13.7 खरब वर्ष पहले भगवान ने सृष्टी की रचना क्यो नही की? उसी समय(13.7 अरब वर्ष पहले ही) Big bang क्यो हुआ? या तो Big bang आज होना चाहिये था ? ये सब सवाल है? और कहा जाता है दुनिया मे ऐसा कोई सवाल नही है जिसका जवाब न हो अगर अधेँरा है तो प्रकाष भी है सवाल है तो जवाब भी होने चाहिये?

    Reply
  7. jack

    Hame keval itna sochna hai ki god hai ki nahi lekin god ki bani cheje kaise kaam karti hai ye hum logo ko janna jaruri hai.

    Reply
    1. umang prajapati

      sahi bataya sir ji aapne…

      Reply

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

'
Shares