कैसे बने जीवन में ज्यादा कार्यशील?

दुनिया समय बीतने के साथ साथ तेज होती जा रही हैं. ज्यादातर लोग 8-9 घंटों की नोकरी कर के थक जाते हैं और कई लोग अपने काम से नाखुश होते हैं. हमेशा कुछ ऐसा काम या चीज़े ढूंढते हैं जिससे वे (Productive Things To Do) ज्यादा कार्यशील रहे. सब यही चाहते हैं की वे अपने जीवन में ज्यादा कार्यशील कैसे बने? How to Increase Productivity ?  कैसे अपने शरीर से आलस दूर भगाए? कैसे ज्यादा पैसे कमाए? How to Be More Productive? कैसे ज्यादा प्रोडक्टिव बने? क्या इसका कोई छूपा रास्ता हैं? जी हाँ, अवश्य हैं. आइये जानते कुछ Productivity Tips जो आपकी SuccessHealthSelf Improvement और Happiness को बढ़ने में मदद करेंगा.

आपके ज्यादा कार्यशील न होने का सबसे पहला और मुख्य कारण हैं आप में इच्छा शक्ति या संकल्प (willpower) पर्याप्त ना होना. कुछ अध्ययनों के मुताबिक इच्छा शक्ति एक अक्षय स्त्रोत हैं और इसे पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है. तो अपने आप को समझाने के बजाय थोडा ज्यादा कठिन प्रयास कीजिए….

इसके लिए सबसे पहला काम कीजिए की Get Started. मतलब की किसी भी कार्य की बस आप एक बार शुरुआत कर दीजिए. उसके बारे आनेवाली रूकावटे या उसके परिणाम के बारें में मत सोचिए. यह बात प्रत्यक्ष लग सकती हैं, लेकिन अध्ययनों से पता चला हैं की किसी भी एक काम या प्रोजेक्ट को सभी विचार छोडकर एक बार शुरू कर देने से हमारा दिमाग इस प्रोजेक्ट में उसके छोटे छोटे भागो पर फोकस करने के बजाय आनेवाली बड़ी मुश्किलों को सोचना शुरू करता हैं और दिमाग प्रोजेक्ट में ही लगा रहता हैं. ऐसा करने से उसके दिमाग में काम के पहले का डर ख़तम हो जाता हैं और दूसरी बार ऐसा करने में कॉन्फिडेंस आता हैं. जिसकी वजह से वह व्यक्ति उस काम को पूरा कर देता हैं. ज्यादातर लोग प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से पहले ही मुख्य कार्य की बजाय उसके सबसे कठिन भाग को सोचने लगते हैं और उसके दिमाग में बिना किसी काम के अन्य विचार आने लगते हैं, जिसकी वजह से वह उस कार्य को टाल देते हैं.

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सौभाग्य से दिमाग की एक उपज हैं, जिसे Zeigarnik effect कहा जाता हैं. Zeigarnik असर मनुष्य को इसके द्वारा पहले से ही शुरू किए गए कार्य को पूरा करने के लिए मजबूर कर देता हैं. इसके मुताबिक जब तक हम कोई काम पूरा नहीं कर लेते तब तक हमे बेचेनी का अनुभव होता रहता हैं. सही कहा ना? तो अभी शुरू कर दीजिए.

अब बात करते हैं टाइम मैनेजमेंट की. हैरानी की बात हैं की, जब आप दुनिया के किसी उत्कृष्ट संगीतकार को देखेंगे तो पाएंगे की वे कभी जानबूझ के संगीत का जरूरी अधिक अभ्यास नहीं करते हैं. वे अपना ज्यादातर ध्यान संगीत के सबसे ज्यादा मुश्किल टास्क पर कंसन्ट्रेट करते हैं. आपने देखा ही होंगा, कई लोग ऐसा करते हैं. ये लोग आधा दिन आराम करते हैं और ब्रेक के बाद बचे हुए समय में तीव्र काम कर लेते हैं. ऐसे लोग अपनी इच्छा शक्ति पर भरोसा नहीं करते बल्कि अपनी आदत और अनुशासित शेड्यूलिंग पर भरोसा करते हैं. आप भी अभ्यास की मदद ऐसा कर सकते हैं.

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एक अध्यन में पाया गया हैं की दुनिया के सबसे उत्कृष्ट वायलिनवादक आम तौर पर एक नब्बे मिनट के टास्क की पद्धति का पालन करते हैं और उसके बाद 15-20 मिनट का ब्रेक लेते हैं. पूरे दिन के काम के लिए उर्जा बचाए रखने की कोशिश करने के बजाय अपने काम के समय को टुकड़ों में बाँट दीजिए. यह सुनियोजित विश्राम के साथ काम करने का सबसे प्रभावी तरीका है.

आपके मन में एक सवाल उठेगा की मैं इस तरह की दिनचर्या का पालन करने के लिए अनुशाशन कैसे विकसित करू? इसका एक प्रमुख घटक हैं की आप अपने लिए एक समय सीमा निर्धारित कीजिए. ऐसा करने से आपके द्वारा ज्यादा अधिक कार्य पूर्ण करने की संभावना रहेंगी. या फिर इसको लिख दीजिए या कैलेंडर में नोट कर लीजिए या एक हिसाब चार्ट बनाइयें जिसमे आप इस काम में हररोज अपने प्रोग्रेस लिख सके. एक कोलम में आपके द्वारा बिताया हुआ समय लिखिए और दूसरे कोलम में उस समय के दौरान किए कार्य लिखे.
यह चार्ट आपको अपनी प्रगति पर नज़र रखने के लिए और छोटे नासमझ काम से बचने के लिए मदद करेंगा.

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और अंत में, Stop Multitasking. मल्टीटास्किंग पर रोक लगाइए. मल्टीटास्किंग मतलब एक साथ बहुत सारे कार्य करना. एक अध्ययन के मुताबिक मल्टीटास्कर लोग सबसे कम कार्यशील होते हैं. कल आप जो टास्क नहीं करना चाहते उसकी रात को सूचि बनाने की बजाय इन सभी को मिलाकर एक बड़ा सा टास्क बनाएये. इस तरह जब तक इस बड़े टास्क के सभी कार्य पूरे नहीं करेंगे तो सोचेंगे की मैंने अपना एक काम भी पूरा नहीं किया हैं, और जैसा की हमने आगे देखा की Zeigarnik effect के मुताबिक जब तक हम कोई काम पूरा नहीं कर लेते तब तक हमे बेचेनी का अनुभव होता रहता हैं.

तो ये ज्यादा मुश्किल भी नहीं हैं. इरादा कीजिए. just Get Started. सिर्फ इसकी शुरुआत कीजिए.

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4 Comments

  1. ARVIND PANDEY

    बहुत ही बढ़िया लेख है भाई
    ये लेख मुझे बहुत ही पसंद आया
    आपके लिखे कुछ नए लेख आज नहीं दिख रहे ?
    इंडीब्लॉगर से लिंक देखा मैंने

    Reply
  2. umang prajapati (Post author)

    इन दिनों थोडा काम में था भाई….कल से हर mon-sat हर दिन 3 नयी पोस्ट्स आएगी….

    Reply
  3. rahul

    sir aap quation bahut manpasand uthate hai. Shayad mai aise quation abtak kisi blog par nahi paya tha so on the internet , I spend my all time to this blog. But apse requast hai ki univers ke aur jatil muddo ke bare me hame batai mere is chhote dimag ko global banane me meri madad kare. Thanks.

    Reply
    1. umang prajapati (Post author)

      अवश्य

      Reply

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