Mercury Planet In Hindi – बुध

बुध ग्रह

ग्रह की प्रोफाइल

  • वजन : 33,01,04,00,00,00,000 अरब किलो (0.055 x पृथ्वी का वजन)
  • भूमध्यरेखीय व्यास : 4879 किमी
  • ध्रुवीय व्यास : 4879 किमी
  • भूमध्यरेखीय परिधि : 15,329 किमी
  • चन्द्रमा : कोई नहीं
  • कक्षा का अंतर : 5,79,09,227 किमी (0.39 AU)
  • कक्षा अवधि : 87.97 धरती के दिन
  • सतह का तापमान : -173° से 427° डिग्री सेल्सियस
  • पहली जानकारी : 14 वीं सदी ई.पू.
  • असीरियन खगोलविदों के द्वारा दर्ज

बुध सूर्य से सबसे नजदीकी ग्रह हैं और इसकी वजह से संध्या के समय को छोड़कर दूसरे किसी भी समय में इसे देखना मुश्किल हैं. बुध सूर्य के आसपास के दो परिक्रमण के दौरान अपनी धुरी पर तीन परिभ्रमण करता हैं. बुध एक सदी में तेरह बार पृथ्वी पर से सूरज के चेहरे पर से गुजरता हुआ देखा गया हैं. इस घटना को पारगमन (Transit) कहा जाता हैं.

बुध पर एक साल सिर्फ 88 दिनों जितना लम्बा होता हैं.
बुध ग्रह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण में लॉक हो चूका हैं. जिसे Tidal locking कहते हैं. इस वजह से इस ग्रह की अपनी धुरी पर घुमने की गति इतनी कम हो जाती हैं की वह उसकी सूरज के आसपास घुमने की गति जितनी हो जाती हैं. बुध के पास सौरमंडल के सभी ग्रहों से सबसे ज्यादा कक्षीय सनक या कक्षीय विकेन्द्रता हैं, क्योंकि उसका सूर्य से अंतर 46 से 70 लाख किलोमीटर तक होता हैं.

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बुध सौर मंडल में सबसे छोटा ग्रह है.
बुध ग्रह हमें पृथ्वी पर से नग्न आँखों से दिखाई देनेवाले पांच ग्रहों में से एक हैं. भूमध्य रेखा पर बुध सिर्फ 4,879 किलोमीटर जितना ही है, जब की पृथ्वी 12,742 किलोमीटर हैं.

बुध सौरमंडल में दूसरा सबसे अधिक घनत्व वाला ग्रह है. 
सौरमंडल में भले ही यह सबसे छोटा ग्रह हो लेकिन सबसे घना ग्रह बुध ही हैं. इस ग्रह पे प्रत्येक घन सेंटीमीटर पर 5.4 ग्राम जितना घनत्व होता है, क्योंकि बुध ज्यादातर भारी धातुओं और चट्टानों से बना हैं.

बुध ग्रह पर झुर्रियां हैं.
बुध ग्रह का लोहे और सख्त पदार्थों से बना कोर ठंडा और अनुबंधित हैं, इसलिए इस ग्रह की सतह झुर्रीदार हो गई हैं. वैज्ञानिक इन झुर्रियों का Lobate scarps नाम दिया है. यह झुर्रियां 1 मील ऊँची और 100 मील लम्बी हो सकती हैं.

बुध के पास एक पिघला हुआ कोर है.
हाल के वर्षों में, नासा के वैज्ञानिकों का मानना है की बुध का ठोस लोहे का कोर वास्तव में पिघला हुआ हो सकता है. आम तौर पर छोटे ग्रहों के कोर तेजी से ठंडे होते हैं. लेकिन गहन अनुसंधान के बाद, बुध कोर जैसी उम्मीद की थी उस तरह नहीं है. बुध ग्रह के केंद्र में कोर की मात्र 42 % जितनी हैं, जब की पृथ्वी के केंद्र में कोर की मात्रा 17 % जितनी हैं.

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बुध सौरमंडल में दूसरा सबसे गर्म ग्रह हैं.
सूर्य से सबसे नजदीक होने के बावजूद, बुध की जगह शुक्र सबसे उच्च तापमान का अनुभव करता है. बुध की सतह जब सूर्य की तरफ होती हैं तब उसका तापमान 427°C जितना होता हैं और जब सूरज की विरुद्ध दिशा में होती हैं तब तापमान -173°C जितना भयानक ठंडा होता हैं. तापमान में इतना बड़ा अंतर जीवन के जरा भी लायक नहीं हैं.

सौरमंडल में सबसे ज्यादा क्रेटेर्स (खड्डे) हैं.
अन्य ग्रहों में होती प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रियाओं से विपरीत, क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के साथ हुई  कई मुठभेड़ों की वजह से बुध ग्रह की ज्यादातर सतह क्रेटेर्स से बनी हुई हैं. बुध ग्रह के अधिकांश क्रेटेर्स के नाम प्रसिद्ध लेखकों और कलाकारों के नाम से प्रचलित हैं. अगर कोई क्रेटर का व्यास 250 किलोमीटर से ज्यादा हो तो उसे ‘बेसिन (Basin)’ कहाँ जाता हैं. Caloris बेसिन बुध पर का सबसे बड़ा क्रेटर हैं, जिसका व्यास लगभग 1,550 किलोमीटर हैं, जो की मेरिनर 10 प्रोब द्वारा 1974 खोजा गया था.

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अब तक केवल दो अंतरिक्षयानों ने ही बुध ग्रह का दौरा किया हैं.
सूर्य से निकटता के कारण बुध पर यात्रा करना बहुत ही मुश्किल हैं. 1974 और 1975 के दौरान मेरिनर 10 अंतरिक्षयान ने तीन बार उड़न भरी थी, जिसमे उसने सफ़र के दौरान सिर्फ आधे ग्रह की सतह का ही मैपिंग किया था. 3 अगस्त 2004 को मैसेंजर प्रोब को केप केनवरल एयर फोर्स स्टेशन से शुरू किया गया था.

बुध के पास अपना वातावरण हैं.
बुध के पास पृथ्वी से सिर्फ 38% ही गुरुत्वाकर्षण हैं. जो की वातावरण को झकडे रखने के लिए बहुत कम हैं. शायद वह भयानक सौर हवाओं की वजह से ख़त्म हो गया होगा.

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1 Comment

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