Meditation in Hindi – ध्यान

हजारो सालों से लोग आध्यात्मिक, भावनात्मक और शारीरिक तंदुरस्ती के लिए ध्यान (Meditation) का अभ्यास करते आ रहे हैं. लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ध्यान आपके शरीर को कैसे प्रभावित कर सकता हैं? क्या इसका हमारे शरीर पर कोई भी असर पड़ता हैं? आइए देखते हैं Meditation in Hindi.

यह सब दिमाग से शुरू होता हैं. ध्यान के दौरान, हमारा दिमाग चिंता और निराशा में कमी के साथ साथ उससे जुड़े क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रूप से वृद्धि की गतिविधि देख सकता हैं और दर्द की सहनशीलता में बढौतरी महसूस कर सकता हैं. जब हमारा मन आराम में होता हैं और उसका फोकस बाहर की दुनिया पर केन्द्रित नहीं होता तब विशेष रूप से उसका का डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क सक्रिय हो जाता हैं, और इसकी वजह से याददाश्त में सुधार, आत्म जागरूकता और गोल सेटिंग्स जैसी चीज़े पाई गई हैं.

Power of Meditation
क्या आप अपने दोस्तों और परिवार के लिए ज्यादा से ज्यादा कैरिंग होना चाहते हैं? वैज्ञानिकों ने जब बौद्ध साधूओं के दिमाग की तुलना किसी नए साधक के दिमाग से की तब, उन्होंने उन साधुओं के दिमाग में एक ऐसा क्षेत्र पाया जो की सहानुभूति के साथ जुडा था.
यह सचमुच आपके दिमाग की ब्रेनवेव्स (BrainWaves) या दिमागी तरंगो को बदल देता हैं और हम उन वेव्स की फ्रीक्वेंसीओं को माप भी सकते हैं. नियमित ध्यान करनेवाले लोगो के दिमाग में उच्च स्तर की अल्फ़ा तरंगे होती हैं, जिनको  नकारात्मक मूड, तनाव, उदासी, और क्रोध को कम करने के लिए फायदेकारक माना जाता हैं. अगर इतना पर्याप्त नहीं हैं तो, यह शारीरिक रूप से हमारे मस्तिष्क के आकार और कद को भी बदल देता है.
अध्ययनों में पाया गया हैं कि, आठ सप्ताह के एक मैडिटेशन कार्यक्रम के बाद, लोगो के दिमाग के उन हिस्सों में ‘ग्रे मेटर’ ज्यादा घना था. इस ग्रे मेटर को शिक्षा, मेमोरी प्रोसेसिंग और भावना विनियमन के साथ जोड़ा जाता हैं. जब उनकी पूरी बॉडी को स्कैन किया गया तब न केवल उनके ब्लड प्रेशर में कमी देखि गयी बल्कि शुद्ध हृदय दर की परिवर्तनशीलता में भी वृद्धि भी देखि गई.

एक अध्ययन के दौरान, ध्यान करनेवालों और ध्यान न करनेवाले कुछ लोगों को एक फ्लू वायरस दिया गया. यहाँ पर मैडिटेशन करनेवाले लोग ज्यादा से ज्यादा मात्रा में शरीर में एंटीबॉडी का उत्पादन करने में सक्षम थे और उनके इम्यून फंक्शन में बढौतरी दर्ज की गई.अगर हम थोड़ी गहराई में जाए तो हम सेलुलर लेवल पर परिवर्तन देख सकते हैं. आपके गुणसूत्रों के पास टेलोमेयर कहा जानेवाला एक जटिल सुरक्षात्मक प्रोटीन होता हैं. यह प्रोटीन हमारे डीएनए में होनेवाले नुकसान को कम करने में मदद करता हैं और कोशिकाओं के मृत्युदर को कम करता हैं. टेलोमेयर को  हृदय रोग, डायबिटीस और कैंसर के साथ भी जोड़ा गया हैं. कैंसर से बच निकलनेवाले लोगोने जब मैडिटेशन के प्रोग्राम को पूर्ण किया तब उनके शरीर में टेलोमेयर की महत्वपूर्ण बढौतरी देखि गयी.

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वैसे इसका मतलब यह नहीं हैं की मैडिटेशन कैंसर की बीमारी का इलाज हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह हैं की इससे दिमाग के फंक्शनों में बेनिफिट होते हैं. आपकी लाइफस्टाइल को स्वस्थ बनाने के लिए और स्ट्रेस और टेंशन को घटाने के लिए. यह आपके दिमाग की कसरत करने का एक माध्यम हैं. तो इसे आप किसी इलाज के नजरिए से न देखे तो अच्छा होगा.

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