Singularity In Hindi विलक्षण

जब आप एक भौतिक शास्त्री को Singularity (विलक्षणता या अपूर्वता) के बारे में पूछेंगे तो उसका एक ही जवाब होगा, एक अनंत मात्रा. विशेष रूप से, एक मात्रा जो अनंतता (infinity) तक पहुँचती हैं और उसके अन्य परिमाण शून्य हो जाते हैं. यह एक ऐसा बिंदु हैं जहाँ पर पहुंचते ही Physics के सारे नियम टूट जाते है. ऐसा बिंदु जो किसी Black Hole (ब्लैक होल) के केंद्र में होता हैं. ज्यादातर हम अनंत मास या अनंत ऊर्जा या अनंत बल की व्याख्या किस तरह करते हैं? हम ज्यादातर यहीं मान लेते हैं की वहाँ पर पहुँचाने पर कुछ नए नियम लागु होंगे जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं. कुछ ऐसे नियम जो की singularity की समस्या हल कर सके.

singularity
अधिकांश लोगों के singularity के बारे में एक ही चिंता होती हैं की उसमे आइंस्टीन का सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत शामिल होता हैं. हमे ज्यादातर दो तरह की singularity के बारे में पता हैं : एक जो की ब्लैक होल के केंद्र में होती हैं और दूसरी जो की हमारे ब्रह्माण्ड के शुरुआत के वक़्त या उसके पहले थी. अगर आप इन स्थितियों में सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत को लागू करने की कोशिश करते हैं तो आप अनिवार्य रूप से एक ही 1/x singularity को ही पाएंगे, जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं. हम कैसे इन singularities के रहस्य को हल कर सकते है? उम्मीद हैं इसके लिए क्वांटम यांत्रिकी कुछ काम आ जाए. दुर्भाग्य से हमारे पास परमाणु भौतिकी के अच्छे सिद्धांत है, जब की क्वांटम ग्रेविटी के लिए कोई अच्छी थ्योरी नहीं हैं. कई लोग सोचते हैं की शायद स्ट्रिंग थ्योरी इन समस्याओं का समाधान बन सकती हैं.

singularity अनंतता को दर्शाती हैं जब की हम सामान्य तौर पर कभी यह नहीं मानते की कुदरत अनंत हो सकती हैं. प्रॉब्लम यह हैं की हमारे पास मौजूद सारी जानकारी में से एक कड़ी या फ्लोर मौजूद नहीं हैं जो किसी एक अज्ञात सिध्धांत से निर्मित हैं, जो हमे एक लिमिट तक ले जाता हैं – 1/x. जहाँ पर x की कीमत शून्य हो जाती है.

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black hole singularity
Blackhole Singularity

एक ब्लैकहोल के केंद्र में एक गुरुत्वाकर्षणीय singularity होती है. एक 1 डायमेंशनल (एक आयामी) बिंदु जो असीम रूप से एक छोटी सी जगह में अपने अन्दर अनंत मात्रा में मास समाविष्ट करता हैं. यहाँ पर गुरुत्वाकर्षण अनंत हो जाता हैं और स्पेस-टाइम अनंत रूप से मुड जाते हैं. जहाँ पर भौतिकी के नियम जिन्हें हम जानते हैं, खुद को संचालित रखने के लिए संघर्ष करते हैं. singularity के अस्तित्व को अक्सर आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत को गलत साबित करनेवाले सबूत के रूप में देखा जाता हैं.

“कॉस्मिक सेंसरशिप” की परिकल्पना के अनुसार ब्लैकहोल की singularity उसके event horizon के पीछे छुपी होती है, और यहाँ पर यह हमेशां एक क्षेत्र से घिरी हुई होती हैं जहाँ से प्रकाश को भी बचकर जाने की अनुमति नहीं हैं. इसलिए इसे सीधा नहीं देखा जा सकता. केवल एकमात्र अपवाद इस परिकल्पना की अनुमति देता है (जिसे एक “नग्न” विलक्षणता या Naked singularity के रूप में भी जाना जाता है) और वह हैं खुद प्रारंभिक बिग बेंग.

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शायद हम कभी भी ब्लैकहोल के अन्दर की singularity को समज नहीं पाएंगे. हालांकि एक पर्यवेक्षक किसी ब्लैकहोल के अन्दर संकेत तो भेज सकता हैं, लेकिन ब्लैकहोल के अन्दर की कोई भी चीज़ बाहर की किसी भी चीज़ के साथ संपर्क नहीं कर सकती हैं. तो यह रहस्य हमेशां रहस्य ही रहनेवाला हैं. शायद यह चीज़ कुदरत की सीमाओं का आखरी पड़ाव हैं, एक हद, जहाँ पर केवल अंत ही लिखा हैं. एक ऐसी हद जिसको हमारी सोच भी पार नहीं कर सकती हैं. वैसे कुदरत इतनी भी चालक कैसे हो सकती हैं की खुद के रहस्यों को छुपा दे?

आपकी राय अवश्य जानना चाहूँगा.
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