Sixth Sense In Hindi छठी इंद्रिय

Sixth Sense

हम हररोज के जीवन में ज्यादातर हमारी पांच सामान्य इंद्रियों को महसूस करते हैं. श्रवण(Hearing), स्वाद(taste), दृष्टि(sight), गंध(smell) और स्पर्श(touch). लेकिन कुछ लोगो का मानना हैं की इन पांच इंद्रियों से भी परे एक इंद्रिय हैं, जिसे छठी इंद्रिय (Sixth Sense) कहाँ जाता हैं. कुछ ऐसा अनुभव करने की क्षमता जो की जाहिरा तौर पर वहाँ पर मौजूद नहीं है. भविष्य में होनेवाली घटना का कुछ देर पहले ही पता चल जाना. उदहारण के लिए सोचिए की आप ट्रेन में सफ़र कर रहे हैं और अचानक ही आपको एहसास होता हैं की आप के बगल में बैठा इंसान कुछ अपराध करने के लिए ही आया हैं. कुछ ऐसा की, आपको घर से बाहर निकलते ही एहसास होता हैं की आप कुछ भूल रहे हैं, और अचानक ही याद आता हैं की आप अपनी मीटिंग की जरुरी फाइल तो घर पर ही भूल आए हैं.

दुनिया में ज्यादातर लोग अलौकिक चीजों में विश्वास रखते हैं. कुछ लोग जो की उनके पास छठी इंद्रिय होने का दावा करते हैं, मरे हुए लोगो को देखने का और उनके साथ बात कर पाने का भी दावा करते हैं. मरे हुए लोगो से कोई भी संदेश लेकर जीवित लोगो तक पहुंचाते हैं. अगर आपने The Sixth Sense नाम की हॉलीवुड मूवी देखि हो तो उसमे दिखाया गया हैं की उसमे एक छोटे बच्चे के पास मरे हुए लोगो को देखने की और उनसे बात करने की एक विशेष क्षमता होती हैं.
तो क्या हम सब के पास छठी इंद्रिय होती हैं? कहना मुश्किल हैं लेकिन निश्चित रूप से हम सभी के लिए उसे विकसित करने की क्षमता ज़रूर है. कुछ धार्मिक क्षेत्रों में, छठी इन्द्रिय को भगवान को महसूस करने की इंद्रिय के रूप से जाना जाता हैं. कुछ लोग इसे अपने अंतर्ज्ञान (INTUITION) के रूप में सोचते हैं. तो अगर जीवन में कई बार ऐसे हालत पैदा हो जाए की आप फैसला ले नहीं पा रहे हो तो एक बार खुद को सवाल कीजिए. मिलनेवाला जवाब आपका जीवन बदलनेवाला होगा.
लेकिन इंसान के नाते हमारा यह मानना की हमारे पास 5 इंद्रिय हैं या 6 इंद्रिय हैं एकदम गलत बात हैं. हमारे पास इनके अलावा भी इन्द्रिय हैं.
  • Nociception – दर्द को महसूस करने की क्षमता.
  •  Thermoception – तापमान में परिवर्तन को महसूस करने की क्षमता.
  • प्रोप्रियोसेप्शन (Proprioception) – अपने जोड़ों और शरीर के अंगों को शरीर के अन्य भागो के साथ जुड़े होने की भावना को महसूस करना.
  • Equilibrioception – संतुलन की भावना और समय की भावना.
लेकिन इसका कोई पक्का सबूत नहीं हैं की छठी इंद्रिय सच में होती हैं. अगर इसका कोई वजूद होता भी तो भी वह दूसरी पांच इंद्रियों से मजबूत तो नहीं ही होता. अन्यथा, हम अभी इसके बारे में बहस नहीं कर रहे होते. विज्ञान छठी इंद्रिय को पूरी तरह से खारिज कर रहा हैं. ज्यादातर वैज्ञानिक मानते हैं की छठी इन्द्रिय जैसी कोई चीज़ नहीं होती हैं. वैसे हर रहस्यमयी बातों की तरह इसमें भी अनुभव करनेवाले इसको मानते हैं और अनुभव न करनेवालों के लिए यह एक बेकार सोच हैं.
 

क्या जावारों के पास छठी इंद्रिय होती हैं?

 
शार्क मछली की अधिकांश प्रजातियों में उनके सिर के पक्षों पर सेंसर होता हैं, जिसकी वजह से शार्क नजदीक में रहे किसी भी जीव की गतिविधि को महसूस कर लेती हैं. इस छठी इंद्रिय को Electroreception के रूप में जाना जाता है. इसकी वजह से शार्क दूसरे जीवों से निकलनेवाले विध्युत चुंबकीय क्षेत्र का भी पता लगा लेती हैं. दूसरे जीव जैसे की  चूहा, मुर्गी, कुत्ता, बिल्ली, हाथी और सांप में  भूकंप का पता लगाने की क्षमता होती हैं. ऐसे जानवर भूकंप आने के कुछ दिनों के पहले ही उस जगह को छोड़कर चले जाते हैं. जैसा की 2004 में दक्षिण पूर्व एशिया में आए विनाशकारी सुनामी के दौरान हुआ था. जानवरों ने पहले से ही घटना को अनुभव कर लिया था और वे उस जगह को छोड़कर चले गए थे. उस सुनामी के दौरान गायल जानवरों की संख्या काफी कम दर्ज थी.
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2 Comments

  1. राम चन्द्र राय

    Comment…वास्तव में ज्ञान से ही परिपकक्वत्ता आती है ,सदियो से ज्ञान की खोज में ज्ञानी अपना घर वार छोड़ वन को चले गए ,
    मैं कहना ये चाहता हु की आप सभी ज्ञान मार्ग में चलकर अपने आप को अज्ञानता के अथाह समुद्र से वाहर निकले ।
    राम चन्द्र राय (गुरूजी)
    (शक्तिफार्म )

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  2. ashish

    sir dhyan kaise kare

    Reply

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