चंद्रमा भ्रम Moon Illusion In Hindi

आप कई बार किसी साफ़ रात्रि के दौरान क्षितिज में निकलने वाले बड़े से चाँद को देखने तो गए ही होंगे. कई बार चाँद आपको ज्यादा बड़ा भी दीखता होगा. आप यह भी सोचते होंगे की शायद आज चाँद पृथ्वी के ज्यादा करीब आ गया हैं. लेकिन अगर में आपको यह कहूँ की वह चाँद आप जब भी किसी भी जगह या किसी भी वक़्त पर देखते हैं तब वह एक ही साइज़ को होता हैं तो? जी हाँ, चाँद उस वक़्त आप के साथ एक ट्रिक खेल रहा होता हैं जिसे “चंद्रमा भ्रम” या MOON ILLUSION कहते हैं.

moom illusion
इस द्रष्टिभ्रम की घटना के स्पष्टीकरण के लिए अभी भी बहस चल रही हैं. जब चाँद क्षितिज के नजदीक होता हैं तब वह बड़ा दीखता हैं लेकिन जब वह आसमान में ऊपर की तरफ आता हैं तब भी वह उसी साइज़ का होता हैं. आप इसके लिए एक प्रयोग कर सकते हैं. अपने दोनों अंगूठों को आसमान में जब चाँद क्षितिज पर हो तब उसके ऊपर की ओर रखे और उसका माप देखे. अब जब चाँद आसमान में ऊपर की तरफ हो तब दोनों अंगूठों से फिर से माप लीजिए. दोनों बार आपका माप एक ही आएगा. तो हमारा दिमाग हमें इस प्रोसेस में फर्क क्यों दिखता हैं?
मुख्य सिद्धांत यह कहता हैं की जब चाँद क्षितिज पर होता हैं तब वहाँ पर कई visual रेफ़रन्स पॉइंट्स होते हैं, जैसे की पेड़, बिल्डिंग्स और पहाड़. हमारा दिमाग इन सब के आकार की तुलना क्षितिज पर चाँद के साथ करता हैं. जब चाँद ऊपर आसमान में होता हैं तब उसके साथ तुलना करने के लिए कुछ भी नहीं होता हैं. इसलिए वह क्षितिज की तुलना में थोडा कम आकार का दीखता हैं. यह घटना EBBINGHAUS ILLUSSION नाम की घटना से सिमिलर हैं.
EBBINGHAUS ILLUSSION
आइए इस घटना को समजते हैं. सामने वाली तस्वीर में बीचवाले दो ऑरेंज सर्कल्स को ध्यान से देखीए. कौन सा सर्किल आपको बड़ा लग रहा हैं. वहीँ ना, जिसके आसपास छोटे सर्कल्स हैं. लेकिन जब इन दोनों के आसपास के सर्कल्स को हटा दे तो आपको पता चलेगा की दोनों एक ही आकार के सर्कल्स थे. दोनों सर्कल्स एक ही साइज़ के थे लेकिन उनके आसपास की चीज़े हमारे दिमाग में उनकी साइज़ के लिए भ्रम पैदा करती हैं. चाँद के साथ ही ऐसा ही होता हैं. जब क्षितिज पर चाँद के आसपास रहे पेड़ और बिल्डिंग्स हमारे दिमाग में चाँद के बड़े होने का भ्रम पैदा करते हैं.
दूसरी चीज़. हमारे दिमाग को क्षितिज की तरफ जाती हुई कोई भी चीज़ हमेशा छोटी दिखती हैं. जैसे की बादल. लेकिन जब हम क्षितिज पर चाँद को देखते हैं तब हमारे दिमाग को यह लगता हैं की यहाँ पर वह बादलों की तरह ही छोटा दिखना चाहिए. लेकिन चाँद की साइज़ छोटी बड़ी नहीं होती हैं. इसलिए क्षितिज पर चाँद वास्तव में बड़ा नहीं बल्कि दूसरी चीजों के मुकाबले बड़ा दीखता हैं.
तीसरी चीज़. सामने दिख रही तस्वीर की मुद्रा में आ जाइए और क्षितिज के चाँद को देखने की कोशिश कीजिए. यहाँ पर यह इफ़ेक्ट दिखना बंद हो जाएगा. क्योंकि उल्टा होकर देखने पर वहीँ पेड़ और बिल्डिंग्स आपको उस वक़्त आपकी हर बार की धारणा के मुताबिक परिचित चीज़े नहीं लगेगी.
अगर आप यह भी नहीं कर पा रहे तो एक सिंपल चीज़ बताता हूँ. दोनों जगहों पर से आपके फ़ोन या कैमरे से चाँद की तस्वीरे ले लीजिए. आपका कैमरा आपको तस्वीर में किसी भी तरह का द्रष्टिभ्रम नहीं दिखाएगा. तस्वीर में दोनों ही जगह पर चाँद एक ही साइज का दिखेगा.
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5 Comments

  1. Pingback: क्या होगा अगर पृथ्वी पर एक छोटा सा ब्लैकहोल बन जाए? - Facts of universe in hindi

  2. JamaWBalli

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  3. Md Rehan

    How that all made….why the life is only on earth???

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  4. Akshay

    Aapne kha k क्षितिज k taraf jati hue har cheez choti dikhti h lakin chand or suraj k sath aisa kyo nhi hota. Jb chand or suraj क्षितिज par hote h to vo bdae kyo dikhai pdte h.

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  5. shivam rai

    Kya chand vastav ma hai vaha par koi Gaia hai ???

    Reply

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