What Is Motivation In Hindi

What Is Motivation

जब भी आप अपना वजन कम करने की कोशिश करते हैं, या ऑफिस में प्रमोशन पाने की या सिगरेट छोड़ने की, ज्यादातर नाकाम ही होते हैं. क्योंकि अपने लक्ष्य पे चिपके रहना आसन काम नहीं हैं. कुछ एक Motivational speeches और Motivational thoughts पढने, देखने और सुनने के बाद आप थोड़ी देर के लिए उत्साहित तो हो जाते हैं, लेकिन कुछ समय के बाद वापस वहीँ आ जाते हैं. हम में से 45% लोग अपना New Year resolution एक महीने के अन्दर अन्दर ही छोड़ देते हैं. लेकिन यह Motivation आखिर होता क्या हैं? इसको बनाए रखना हमारे लिए इतना मुश्किल क्यों होता हैं? What Is Motivation? चलिए देखते हैं….

एक एमआईटी अध्ययन में छात्रों को दो प्रकार के कार्य को दिए गए. पहले कार्य में उनको एक कंप्यूटर के कीबोर्ड की किसी दो keys को 4 मिनिट में जितनी हो सके उतनी बार प्रेस करने को कहाँ गया, और जो जीतता उसके पैसे मिलनेवाले थे. कुछ छात्रों को 300 $ और कुछ छात्रों को 30 $ मिलनेवाले थे. दिलचस्प रूप से 300 $ वाले छात्रों का प्रदर्शन 95 % उच्च था. क्योंकि उनके लिए पैसों ने एक प्रेरक (Motivator) का काम किया था.

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लेकिन दूसरे काम में उन्ही छात्रों को एक अधिक जटिल गणित की समस्या को हल करने के लिए कहा गया, लेकिन इस बार ज्यादा पैसे वाले स्टूडेंट का प्रदर्शन कम पैसे वाले स्टूडेंट के प्रदर्शन से 32 % कम था. इसे ‘व्याकुलता प्रभाव’ या ‘distraction effect’ के रूप में भी जाना जाता है. जब हमे कोई ऐसा कार्य दिया जाता हैं जिस में, समस्या का हल या आर्थिक या भावनात्मक दबाव की आवश्यकता है होती हैं, तब हमारा फोकस प्रेरक की तरफ शिफ्ट हो जाता हैं. अंतत: आपका ध्यान विभाजित हो जाता हैं और काम करने का प्रदर्शन कम होने लगता हैं.

जब हम अलग अलग लोगों के दिमाग के अन्दर देखते हैं तो fMRI स्कैन से पता चलता है कि जो लोग मनोरंजन के लिए एक चुनौती को पूरा करते हैं और जो लोग किसी इनाम या पुरस्कार के लिए चुनौती को पूरा करते हैं, उन दोनों के मस्तिष्क में एक जैसी ही गतिविधियाँ दिखती हैं. जिन स्टूडेंट्स को पहली बार एक इनाम की पेशकश की गई थी उनको फिर से बिना इनाम के भाग लेने के लिए कहाँ गया, तब fMRI स्कैन के मुताबिक उनके मस्तिष्क के पूर्वकाल स्ट्रिएटम और प्रीफ्रंटल क्षेत्रों की गतिविधियों में कमी दर्ज की गई. मस्तिष्क के यह दो पार्ट्स self motivation से जुड़े हुए हैं. ऐसा लगता है कि पुरस्कार भावना हमारी खेलने के बारे में प्राकृतिक समझ को नष्ट कर सकती हैं.

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तो आप पर यह कैसे लागू होता है? खैर, यह पता चला है कि ‘खेल’ या ‘कार्य’ निरंतर व्यवहार में बदलाव के लिए सबसे मजबूत प्रेरक है. सही बात है की हम मनोरंजक गतिविधियों के साथ रहते हैं, लेकिन हम में से ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गलत क्रियाएँ या गतिविधियाँ अपनाते हैं. आप भी एक ट्रेडमिल पर सबसे अधिक कैलोरी जला सकता है, लेकिन 2 सप्ताह के बाद उसे छोड़ न दे तो. कुछ ऐसी चीज़ पसंद करो जिसे आप वास्तव में करना चाहते हो.

आपका लक्ष्य भी अपने आप में मायने रखता हैं. एक सकारात्मक दृष्टिकोण हमेशां अच्छा होता हैं. धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करनेवाली 210 महिलाओं के एक अध्ययन में, जिन प्रतियोगिओंने कुछ बाधाओं के साथ केवल बड़ी सफलता की कल्पना की, वे बेहद कम मात्रा में सिगरेट का सेवन छोड़ने में सक्षम थी. सकारात्मक विचार आपके दिमाग में एक ऐसा छल उत्पन्न करते हैं की जिससे आपके दिमाग को लगता हैं की आपने पहले से ही उस लक्ष्य को हासिल कर लिया है. जो आपको इनाम की और मोटिवेशन कम करने की भावना देते हैं. लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि नकारात्मक विचार अच्छे हैं.

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2 Comments

  1. ARVIND PANDEY

    भाई आपका माइंड पॉवर वाला आर्टिकल इंडीब्लॉगर से खोलने पर दीखता नहीं है , ऐसा क्यों हो रहा है ?

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    1. umang prajapati (Post author)

      वोह डिलीट कर दिया है….

      Reply

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