ब्रह्माण्ड की सबसे छोटी चीज़ क्या हैं?

Smallest Particle electron

ब्रह्माण्ड में सबसे छोटी चीज़ या कण (Smallest Particle) कौन सी हैं? यह सवाल मानव जाति के विकास की शुरुआत के वक़्त से ही चला आ रहा हैं. पहलें लोग सोचते थे की रेत के छोटे छोटे कण ही उन सभी चीजों के बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं जो हम अपने आसपास देखते हैं. उसके बाद परमाणु की खोज हुई. उसके बाद लोग परमाणु (Atom)को सबसे छोटी चीज़ मानने लगे. लेकिन वह सोच भी तब तक ही कायम रही जब तक यह पता नहीं चला की परमाणु भी तिन चीजों से बना हैं: प्रोटॉन(proton), न्यूट्रॉन (neutron)और इलेक्ट्रॉन (electron). उसके बाद वैज्ञानिकों ने यह खोज की कि प्रोटान और न्यूट्रान तीन तीन क्वार्कों (Quarks) से बने हैं. लेकिन इसके आगे यह quarks किस चीज़ से बने हैं यह जानना हमारे लिए बहुत ही मुश्किल हैं. क्योंकि वैज्ञानिक अभी quarks के अन्दर क्या हैं वह देखने के लिए सक्षम नहीं हैं.

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Strings, Points या Singularity ?

प्रयोगों के दौरान छोटे कण जैसे की इलेक्ट्रोन और quarks किसी चीज़ के अन्दर स्थानिक वितरण किए गए बिन्दूओं की तरह व्यवहार करते हैं. लेकिन ऐसे बिन्दू भौतिकी के नियमो को उलझा देते हैं. क्योंकि अगर आप बिन्दु में असीमित दूरी तक अन्दर चले जाए तो उसके अन्दर के बलों की कार्य करने की कला असीम रूप से बड़ी हो जाएँगी, और वैज्ञानिकों को असीमितता से नफरत हैं.

एक विचार हैं Superstring Theory का, जिससे यह मामला हल हो सकता हैं. इस थ्योरी के मुताबिक सभी छोटे कण एक बिन्दु के रूप में होने की बजाय स्ट्रिंग्स के छोटे लूप्स की तरह होते हैं. कोई भी चीज़ इन स्ट्रिंग्स के छोटे लूप्स के अन्दर तक नहीं जा सकती क्योंकि यह हमेशां एकदूसरे से थोड़े थोड़े नजदीक होते रहेंगे. यह loopholes असीमितता की थोड़ी बहुत मुश्किलें हल कर सकते हैं. यह स्ट्रिंग थ्योरी सही हैं या नहीं इसका अभी तक वैज्ञानिकों के पास कोई प्रयोगात्मक सबूत नहीं हैं. बिंदुओं की समस्या को हल करने का एक और तरीका हो सकता है अंतरिक्ष. हम जानते हैं की अंतरिक्ष खुद सतत और नरम नहीं हैं, बल्कि वह हकीक़त में असतत पिक्सल्स या अतिसूक्ष्म कणों का बना हैं. कोई दो छोटे कण एकदूसरे से असीमित नजदीक पहुँचने के लिए सक्षम नहीं हो सकते. ब्रह्माण्ड में एक और चीज़ हैं जो छोटी से छोटी हो सकती हैं, और वह अहिं ब्लैक होल के केंद्र में रही Singularity (विलक्षणता). लेकिन ज्यादातर वैज्ञानिक तो यही मानते हैं की ब्लैक होल्स भी असीम घने नहीं होते. क्योंकि पार्कर का कहना हैं की ब्लैक होल की विलक्षणता quarks से भी बहुत छोटी हो सकती हैं लेकिन वह असीमित छोटी तो कभी भी नहीं हो सकती.

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The Planck length (प्लैंक लंबाई)

Superstrings, विलक्षणता, और ब्रह्माण्ड के बिन्दु रूप के कण Planck length के आकार के हो सकते हैं.
एक प्लैंक लंबाई 1.6 x 10 ^ -35 मीटर…यह लम्बाई बहुत ही छोटी और किसी भी तरह के साधन से मापी नहीं जा सकती. क्योंकि इससे छोटे माप को सैध्धान्तिक सीमा कहा जाता हैं. क्योंकि ब्रह्माण्ड संभावनाओं से भरा और अनिश्चित हैं. इस माप को क्वांटम मैकेनिक्स और general relativity के बिच की सीमारेखा माना जाता हैं. पार्कर का कहना हैं की Planck length की मदद से हम क्वांटम गुरुत्वाकर्षण (quantum gravity) के बारे में भी जान सकेंगे.

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1 Comment

  1. JeromyPGoike

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