हाथी और बंदर की कहानी | hathi aur bandar ki kahani

हाथी और बंदर की कहानी | hathi aur bandar ki kahani

 

हाथी और बंदर की कहानी | hathi aur bandar ki kahani

 

एक बार जंगल में एक हाथी रहता था। हाथी का जंगल के सभी जानवरों के साथ दोस्ताना व्यवहार था। लेकिन उस जंगल में एक बंदर भी रहता था जो हाथी से हमेशा चिढ़ता था। बंदर हाथी को पसंद नहीं करता था ।

 

एक दिन हाथी जंगल में फल ढूंढ रहा था और बंदर ने उसे ऐसा करते देखा। हाथी चल रहा था और बंदर उसका पीछा कर रहा था।

 

हाथी ने देखा कि कुछ केले एक पेड़ पर लटके हुए हैं। जब उसने अपनी सूंड से केले को खींचने की कोशिश की, तो बंदर पेड़ों पर झूलते हुए आया और सारे केले थोड कर ले गया ।

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हाथी ने कहा, “कोई बात नहीं बंदर भाई, तुम यह केले ले लो और खा लो। मैं और फल खोज लूंगा और खाऊंगा।"

 

बंदर ने कहा, "आपकी इच्छा।"

 

हाथी फिर से फल खोजने लगा

 

बंदर बहुत शरारती था और फिर से हाथी का पीछा करने लगा। हाथी को कुछ दूर बहुत सारे फल मिले और बंदर ने पहले वाली तरह से ही फिर उन फलों को चुरा लिया। हाथी को बहुत गुस्सा आया लेकिन उसने बंदर से कुछ नहीं कहा।

 

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हाथी चुप चाप अपने घर अपनी माँ के पास चला गया। लेकिन इस घटना के बाद से हाथी बंदर से नफरत करने लगा था ।


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हाथी और बंदर दुश्मन बन गए थे। एक दिन बंदर जंगल में घूम रहा था और हाथी उसका पीछा करने लगा। वे दोनों आगे बढ़ रहे थे और उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। एक शिकारी ने एक गधे को मार डाला था।

 

शिकारी ने भी बंदर को जंगल में इधर-उधर घूमते देखा। इसलिए शिकारी ने तय किया कि उसका अगला निशाना वह बंदर होगा।

 

शिकारी ने बंदर को निशाना बनाया और कुछ गोलियां भी चलाईं लेकिन बंदर इधर उधर छलांग लगा कर बच गया। बंदर ने देखा कि उसे निशाना बनाया जा रहा है इसलिए उसने एक पेड़ के पीछे छिपने की कोशिश की, लेकिन उसकी पूंछ साफ दिख रही थी और शिकारी समझ गया कि बंदर इस पेड़ के पीछे छिपा है।

 

जैसे ही शिकारी ने बंदर को निशाना बनाया, हाथी आया और उसने अपनी सूंड की मदद से पेड़ को शिकारी की ओर धकेला और पेड़ शिकारी पर गिर गया और हाथी की वजह से बंदर बच गया।


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बाद में, हाथी जंगल में घूम रहा था, तभी बंदर ने उसे अपनी पूंछ से छुआ। हाथी ने ऊपर देखा और एक दर्जन फल उस पर गिरे। इन फलों को बंदर ने हाथी से चुरा लिया था। बंदर ने हाथी से माफी मांगी और वे अच्छे दोस्त बन गए।

 

हाथी और बंदर की कहानी की नेतिक शिक्षा


दोस्तों के बिना जीवन बेकार है। जानवरों में भी जीवन होता है इसलिए वे न केवल अच्छे दोस्त बनाते हैं, बल्कि एक अच्छे दोस्त की तरह व्यवहार भी करते हैं।


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