लोमड़ी और खरगोश की कहानी

लोमड़ी और खरगोश की कहानी

 

लोमड़ी और खरगोश की कहानी

 

एक बार की बात है एक जंगल में एक खरगोश रहता था। एक दिन सुबह वह अपने भोजन की तलाश में घूम रहा था ।

 

खरगोश अपनी धुन में घूमते घूमते अचानक एक लोमड़ी के पास आ गया। खरगोश लोमड़ी को देखकर डर गया था।


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खरगोश ने अपनी जान बचाने के लिए लोमड़ी की प्रशंसा करनी शुरू कर दी।

 

लोमड़ी ने खरगोश से पूछा, तुम्हें क्या हुआ?

 

खरगोश और लोमड़ी की कहानी हिन्दी में

 

तुम मेरी सराहना क्यों कर रहे हो? खरगोश ने चिंतित स्वर में कहा, "मैं तुम्हारे बारे में सोच रहा था"।

 

लोमड़ी ने पूछा, ऐसा क्यों?

 

खरगोश ने जवाब दिया, "क्या तुम सच में उतनी ही चालाक हो जितना कि तुम्हारे बारे में जंगल के सारे जानवर कहते हैं?

 

क्योंकि मैं सोच रहा हूं कि तेंदुआ तुमसे ज्यादा चालाक है।

 

लोमड़ी ने सोच-समझकर खरगोश की ओर देखा और कुछ क्षण बाद उत्तर दिया, "मुझे लगता है कि तुम सही हो। बेहतर होगा कि हम एक काम करें। आज रात मेरे घर एक जंगल के जानवरों की बैठक है और आप हमारी बैठक में शामिल हो सकते हैं। हम इस मामले पर चर्चा करेंगे।"

 

खरगोश रात को लोमड़ी की मांद में गया। उसने देखा कि वहाँ एक डाइनिंग टेबल रखी हुई थी, प्लेट और कटोरे थे। लेकिन बैठक में मिलने के लिए और कोई जानवर नहीं था।

 

खरगोश ने खुद सोचा, "मैं क्या मूर्ख हूँ! लोमड़ी ने मुझे खाने की योजना बनाई है और यंहा कोई बैठक नहीं है।

 

लोमड़ी के वंहा पर आने से पहले खरगोश अपनी जान बचाकर भाग गया।

 

लोमड़ी और खरगोश की कहानी की नेतिक शिक्षा

 

धूर्त व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए ।

 

भेड़िया, लोमड़ी और खरगोश की कहानी – 2

 

एक दिन मौसम का आनंद लेने के लिए एक खरगोश जमीन में अपने बिल से निकला। उस दिन मौसम इतना अच्छा था कि खरगोश लापरवाह हो गया, इसलिए एक लोमड़ी चुपके से उसके पास आई और उसे पकड़ लिया।

 

लोमड़ी ने खरगोश से कहा “मैं तुम्हें दोपहर के भोजन के लिए खाने जा रहा हूँ!"।

 

रुको!", खरगोश ने उत्तर दिया, "आपको कम से कम कुछ दिन प्रतीक्षा करनी चाहिए। मैं अभी अपना पीएच.डी. थीसिस लिखना समाप्त कर रहा हूं।

 

"हाह! यह एक बेवकूफी वाला बहाना है। चलो बताओ तुम्हारी थीसिस का नाम क्या है?

 

"मैं लोमड़ी और भेड़ियों पर खरगोशों की श्रेष्ठता पर अपनी थीसिस लिख रहा हूं।"

 

"क्या तुम पागल हो? मुझे अभी तुम्हें खा जाना चाहिए! हर कोई जानता है कि एक लोमड़ी हमेशा एक खरगोश पर जीत हासिल करेगी।"

 

मेरे शोध के अनुसार यह सच नहीं है। यदि आप चाहें, तो आप मेरे बिल पर आ सकते हैं और इसे पढ़ सकते हैं। और यदि थीसिस पढने के बाद भी आपको  विश्वास नहीं हो तो आप मुझे दोपहर के भोजन में खा सकते हैं।

 

चूंकि लोमड़ी जिज्ञासु थी और उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं था, वह खरगोश के साथ उसके बिल के पास चली गयी। खरगोश अपने बिल में थीसिस लेने गया और वापस नहीं आया ।

 

भेड़िया, लोमड़ी और खरगोश की कहानी का पार्ट

 

कुछ दिनों बाद, खरगोश फिर अपने बिल के बाहर मोसम का आनंद ले रहा था इतने में एक भेड़िया झाड़ियों से बाहर आया और खरगोश को पकड लिया और खाने लगा ।

 

रुको!", खरगोश ने उत्तर दिया, "आपको कम से कम कुछ दिन प्रतीक्षा करनी चाहिए। मैं अभी अपना पीएच.डी. थीसिस लिखना समाप्त कर रहा हूं।

 

"हाह! यह एक बेवकूफी वाला बहाना है। चलो बताओ तुम्हारी थीसिस का नाम क्या है?

 

"मैं लोमड़ी और भेड़ियों पर खरगोशों की श्रेष्ठता पर अपनी थीसिस लिख रहा हूं।"

 

"क्या तुम पागल हो? मुझे अभी तुम्हें खा जाना चाहिए! हर कोई जानता है कि एक भेड़िया हमेशा एक खरगोश पर जीत हासिल करेगा।"

 

मेरे शोध के अनुसार यह सच नहीं है। यदि आप चाहें, तो आप मेरे बिल पर आ सकते हैं और इसे पढ़ सकते हैं। और यदि थीसिस पढने के बाद भी आपको  विश्वास नहीं हो तो आप मुझे दोपहर के भोजन में खा सकते हैं।

 

चूंकि भेड़िया बहुत जिज्ञासु होता है वह खरगोश के साथ उसके बिल के पास चला  गया । खरगोश अपने बिल में थीसिस लेने गया और वापस नहीं आया ।

 

भेड़िया, लोमड़ी और खरगोश की कहानी की नेतिक शिक्षा

 

जो वास्तव में बुद्धिमान और श्रेष्ठ होते है उन्हें अपनी बुद्धिमानी और श्रेष्टता को साबित करने के लिए किसी मुर्ख की आवश्यकता नहीं होती है। 

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